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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 फरवरी 2018

कृमि संक्रमण के प्रभाव : *खून की कमी *कुपोषण *भूख न लगना *वजन में कमी लगना *पेट में दर्द *उल्टी और दस्त (सभी 1-19 साल के बच्चों को इस राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर कृमि मुक्त करवाएं )
एनीमिया से छुटकारा,सेहतमंद भविष्य हमारा एनीमिया (खून की कमी ),स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी समस्या है।इसका अधिक दुष्प्रभाव 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों ,गर्भवती और प्रजनन आयु की महिलाओं तथा किशोर-किशोरियों पर देखा जाता है ।
एनिमिया से बच्चों एंव किशोर वर्ग में नुकसान : *शारिरिक विकास प्रभावित होना * संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम होना *मानसिक विकास कमजोर या बधित होना *एकाग्रता एंव सीखने की क्षमता कमजोर होना पढ़ाई *घरेलू कार्य एंव खेलकूद में मन न लगना
ऐसे व्यवहार जिन्हे अपनाकर खून की कमी से बचा जा सकता है कक्षा 1-5 तक के बच्चों को आयरन की गुलाबी एंव कक्षा 6-12 तक के छात्रों को आय़रन की नीली गोली प्रयत्येक सोमवार को खाना खाने के 1 घंटे बाद सभी सरकारी एंव सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में खिलाई जाती है
10 से 19 वर्ष की स्कूल ना जाने वाली किशोरिंयों को आंगनबाड़ी कार्यकत्रीयों द्वारा प्रत्येक सप्ताह बुधवार / शनिवार को नीली आय़रन की गोली खिलाई जाती है ।
एनीमिया का मुख्य कारण पेट के कीड़े भी है, इसकी रोकथाम के लिए एल्बेंडाजाल की गोली वर्ष में दो बार – हर 6 माह में 10 फरवरी एंव 10 अगस्त को खिलाई जाती है ।10 फऱवरी 2018 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति के अवसर पर जनपद आगरा , अलीगढ़ , बागपत , बिजनौर , बदायुं , बुलन्दशहर , चंदौली , एटा , इटावा , फिरोजाबाद , गौतमबुद्ध नगर , गाजियाबाद , हापुड़ , हायरस , झाँसी , अमरोहा , काशीराम नगर , कौशम्बी , ललितपुर , मैनपुरी , मथरा , मेरठ , मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर , रामपुर , सहारनपुर , संभल एंव शामली में पेट के कीड़े की दवा सभी सरकारी व सहायता प्राप्त पर प्राइवेट विद्यालयों एंव मदरसों औऱ आंगनबाड़ी केन्द्रों पर निशुःल्क खिलाई जायेगी

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