एनीमिया

एनीमिया शरीर में खून की कमी। हमारे शरीर में हिमोग्लोबिन एक ऐसा तत्व है जो शरीर में खून की मात्रा बताता है। पुरुषों में इसकी मात्रा 12 से 16 प्रतिशत तथा महिलाओं में 11 से 14 के बीच होना चाहिए।… Read More

विनोद कुमार S/O शम्भू, ग्राम-तरियाव, पोस्ट- कल्यानपुर, थाना- घोसी, जिला- मऊ एवं नन्द कुमार, उदयभान के खिलाफ संस्थान द्वारा पुलिस महानिदेशक महोदय, लखनऊ (ऊ०प्र) के माध्यम से किये जा रहे कानूनी कार्यवाही के सन्दर्भ में-

एक्जिमा (Eczema)

एक्जिमा (Eczema) एक्जिमा एक चिकित्सीय स्थिति है जो त्वचा के किसी न किसी, क्रैक, लाल, खुजली और सूजन वाले पैच की विशेषता है। कभी-कभी छाले भी हो सकते हैं। एक्जिमा को एटोपिक डार्माटाइटिस भी कहा जाता है। एक्जिमा तथ्य एक्जिमा… Read More

महिलाओं में खतरनाक रोग है यूटरिन फाइब्रॉयड, जानें लक्षण और बचाव

महिलाओं में खतरनाक रोग है यूटरिन फाइब्रॉयड, जानें लक्षण और बचाव अति व्यस्तता की वजह से आजकल ज्य़ादातर स्त्रियां सेहत के प्रति लापरवाह होती जा रही है। इससे उन्हें कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसका आकार मटर… Read More

एड्स क्या होता है

एड्स क्या होता है – आप किसी HIV पॉजिटिव व्यक्ति को तब तक एड्स ग्रस्त रोगी नहीं कह सकते हैं, जब तक HIV वायरस व्यक्ति के शरीर पर पूरी तरह से हमला न बोल दें। इस पूरी प्रक्रिया में करीब… Read More

किन-किन बीमारियों में योग कारगर

किन-किन बीमारियों में योग कारगर अस्थमा और सीओपीडी इस बीमारी पर हो रही रिसर्च टीम का हिस्सा खुद एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया हैं। उन्होंने बताया कि क्लिनिक में किए गए टेस्ट बताते हैं कि अगर अस्थमा के पेशंट्स… Read More

ह्रदय (The Heart)

ह्रदय (The Heart) ह्रदय रक्त परिसंचरण तंत्र का प्रमुख एवम विशिष्ट अंग हैं। यह एक पेशीय, खोखला, संकुचनशील, शंक्वाकार अंग है जो वक्ष में स्टर्नम के पीछे दोनों फेफड़ों के मध्य ऊतकों के एक भाग जिसे मीडिएस्टिनम कहते हैं, तथा… Read More

– लसीका तंत्र (The Lymphatic System) –

लसीका तंत्र -(The Lymphatic System) परिचय – मानव शरीर में रक्त वाहिनियों एवं कोशिकाओं का सघन जाल पाया जाता है ,जो शरीर के सभी अंगो एवं ऊतकों को रक्तपूर्ति करती है l परन्तु ये रक्त कोशिकाएं शरीर के प्रत्येक कोशिका… Read More

yog

योगा

योगा योग भारत वर्ष में अत्यंत काल से योगाभ्यास करने की पद्धति प्रचलित है l आज से हजारो वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने जन -कल्याण के उद्देश्य से योगशास्त्र की रचना की थी l योग का स्वरुप अत्यंत व्यापक है,इसी… Read More