मार्फन सिंड्रोम

मार्फन सिंड्रोम एक ऐसी बीमारी है जो संयोजक ऊतकों को प्रभावित करता है. संयोजक ऊतक वो प्रोटीन हैं जो त्वचा, हड्डियों, रक्त वाहिकाओं और अन्य अंगों को सहारा देते हैं. इनमें से एक प्रोटीन फिब्रिलिन है. फिब्रिलिन जीन में समस्या की वजह से मार्फन सिंड्रोम होता है. ये एक आनुवांशिक बीमारी है, जो जन्म के साथ बच्चे में होती है

गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है

मार्फन सिंड्रोम मामूली से गंभीर हो सकता है, और इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं. मार्फन सिंड्रोम से ग्रस्त लोग अक्सर पतले, लम्बे होते हैं और उनके जोड़ ढीले होते हैं. मार्फन सिंड्रोम से ग्रस्त ज्यादातर लोगों को हृदय और रक्त वाहिका संबंधी समस्याएं होती हैं, जैसे महाधमनी में कमजोरी. साथ ही इनमें हड्डियों, नेत्रों, त्वचा, तंत्रिका प्रणाली और फेफड़ों की समस्याएं भी हो सकती हैं.

सही समय पर इलाज है जरूरी

जो भी व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित है उसका इलाज सही समय पर होना सबसे ज्यादा जरूर है.सही समय पर इलाज ना करने पर ये बीमारी एक बड़े का खतरे रूप ले सकती है.

लक्षणों को पहचानें

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो ज्यादातर लोगों को इसके लक्षणों के बारे में मालूम नहीं है, हालांकि यह बीमारी जन्‍मजात होती है, लेकिन इसके लक्षण उसी समय नजर आएं, यह जरूरी नहीं होता. इस बीमारी के लक्षण किसी भी उम्र में सामने आ सकते हैं. इस बीमारी कुछ लक्षण लगातार बढ़ते रहते हैं, यानी उम्र के साथ-साथ वे और खराब होते चले जाते हैं.

ऐसे पहचानें मार्फन सिंड्रोम

  • लंबे हाथ-पांव और उंगलियां
  • पतला और लंबा शरीर
  • मुड़ी हुई रीढ़ की हड्डी
  • छाती में गहराई या बाहर की ओर उभार
  • जोड़ों में लचीलापन
  • सपाट पैर
  • दांत के ऊपर दांत चढ़े हुए
  • त्‍वचा पर स्‍ट्रेच मार्क्‍स

उपचार

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार मार्फन सिंड्रोम के लिए कोई विशेष उपचार नहीं है, पहले चरण में जटिलताओं के निदान के लिए रोगी को आर्थोपेडिक सर्जन और चिकित्‍सक, हृदय रोग विशेषज्ञ और नेत्र देखभाल के तहत करीब अवलोकन में रखा जाता है. मार्फन सिंड्रोम ऐसी बीमारी है, जो शरीर के संयोजी ऊतकों को नुकसान पहुंचाता है. संयोजी ऊतक शरीर की सभी कोशिकाओं, अंगों और उत्‍तकों को आपस में जोड़े रखते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *