टेस्टोस्टेरोन हार्मोन क्या है

यह एक स्टेरॉयड हार्मोन (steroid hormones) है। टेस्टोस्टेरोन का निर्माण पुरुषों और महिलाओं दोनों के शरीर द्वारा किया जाता है, जो कि पुरुषों के वृषण और महिलाओं के अंडाशय में उत्पादित होता है। टेस्टोस्टेरोन युवावस्था और प्रजनन क्षमताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक पाया जाता है। कहा जाता है, कि टेस्टोस्टेरोन पुरुष लिंग विशेषताओं के विकास को प्रभावित करता है। यह हड्डी के द्रव्यमान, शारीरिक शक्ति और शरीर के बालों की मात्रा को बढ़ाने में भी मदद करता है।शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर, शरीर की जरूरतों के अनुसार लगातार बदलता रहता है। लेकिन आमतौर पर टेस्टोस्टेरोन में कमी, 30 साल और उससे अधिक उम्र के पुरुषों में अत्यधिक देखने को मिलती है। टेस्टोस्टेरोन में कमी की स्थिति में कुछ पुरुषों में हानिकारक प्रभाव पैदा हो सकते हैं।

टेस्टोस्टेरोन की कमी क्या है

  • टेस्टोस्टेरोन की कमी को हाइपोगोनाडिज्म (hypogonadism) के नाम से भी जाना जाता है। जब मानव शरीर के रक्त में टेस्टोस्टेरोन का स्तर 300 नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर (ng/dL) से कम होता है, तब टेस्टोस्टेरोन की कमी होती है।
  • जो वयस्क पुरुष होते है, उनमें कम टेस्टोस्टेरोन की कमी से सम्बंधित समस्याओं को अधिक स्पष्ट रूप में देखा जा सकता है। लेकिन टेस्टोस्टेरोन में कमी वयस्क पुरुषों तक ही सीमित नहीं है।
  • टेस्टोस्टेरोन की कमी महिलाओं में भी देखने को मिलती है और इस स्थिति में महिलाओं द्वारा, वयस्क पुरुषों की तुलना में बहुत कम लक्षणों को स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है।
  • स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार टेस्टोस्टेरोन की सामान्य सीमा आमतौर पर 300 से 1,000 ng/dL होती है। एक रक्त परीक्षण जिसे सीरम टेस्टोस्टेरोन टेस्ट (serum testosterone test) के नाम से जाना जाता है, जिसका उपयोग टेस्टोस्टेरोन के स्तर को निर्धारित करने के लिए किया जाता है।

टेस्टोस्टेरोन के लक्षण

  • टेस्टोस्टेरोन का संकेत है सेक्स ड्राइव में कमी (Lack of sex drive)
  • शरीर में कम टेस्टोस्टेरोन का स्तर छोटे अंडकोष का कारण बन सकता
  • कम टेस्टोस्टेरोन के कारण वीर्य की कम मात्रा (Low amount of semen)
  • बालों का झड़ना,थकान (Fatigue),मांसपेशियों का नुकसान (Muscle loss)
  • हड्डी द्रव्यमान में कमी (Bone mass reduction)
  • कम टेस्टोस्टेरोन के कारण

    • चोट, शराब या कण्ठमाला (mumps) के कारण वृषण क्षति (testicular damage)
    • हाइपोथैलमिक बीमारी (hypothalamic disease)
    • पिट्यूटरी रोग (pituitary disease)
    • कल्मन सिंड्रोम (Kallmann syndrome)
    • मधुमेह रोगियों में ये समस्या हो सकती है
    • थायरॉयड समस्याएं (thyroid problems)

    टेस्टोस्टेरोन की कमी के जांच

    • टेस्टोस्टेरोन टेस्ट (Testosterone test)
    • टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (Testosterone replacement therapy)

    टेस्टोस्टेरोन की कमी से बचाव

      इस समस्या से बचने के लिए कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं, जैसे की –

    • मोटापे और वजन को नियंत्रण में रखे
    • धूम्रपान से परहेज करे
    • पर्याप्त नींद ले
    • नशीली दवाओं के उपयोग से बचे
    • अपनी सेहत और योग पर ध्यान दें

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