Throat Infection

गले में दर्द होने पर जलन, खिचखिच जैसी समस्याएं होने लगती हैं, जो कुछ खाने और निगलने के दौरान बदतर हो जाती हैं। गले में दर्द का सबसे आम कारण वायरल संक्रमण होता है, जैसे सर्दी जुकाम या फ्लू। किसी वायरस से होने वाला गले में दर्द, अपने आप और घरेलू देखभाल के साथ ठीक हो जाता है। लेकिन गले में दर्द होने पर आपको इन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए…

  • खुजली व खराश जैसी सनसनी
  • निगलने व बोलते समय दर्द का बढ़ना
  • निगलने में कठिनाई
  • गला सूखना
  • गर्दन और जबड़े की ग्रंथियों में सूजन व दर्द
  • टॉन्सिल में सूजन और लाल होना
  • कर्कश या धीमी आवाज (जैसी आवाज मुंह ढंकने के बाद आती है)

सामान्य संक्रमण जिनसे गले में दर्द होता है

  • – बुखार
  • – ठंड लगना
  • – खांसी
  • – नाक बहना
  • – छींकें आना
  • – शरीर और सिर में दर्द
  • – मतली और उलटी

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

  • – सांस लेने में कठिनाई
  • – निगलने में कठिनाई
  • – असामान्य लार टपकना

गले में दर्द से कैसे करें बचाव

  • हाथ धोना: अपने हाथों को अच्छी तरह और बार-बार धोएं, खासकर टॉइलट के बाद, खाना खाने से पहले, छींकनें और खांसी करने के बाद अपने हाथ जरूर धोएं।
  • खांसी और छींक: खांसते और छींकते समय अपने मुंह पर रुमाल या टीश्यू रखें और इस्तेमाल के बाद फेंक दें। अगर समय पर कोई चीज उपलब्ध ना हो तो, कोहनी में छींकने की कोशिश करें, और बाद में उसे धो लें।
  • हैंड सेनिटाइजर्स यूज करें: अगर किसी समय हैंड वॉश या साबुन उपलब्ध नहीं है, तो हाथ धोने के लिए ऐल्कॉहॉल वाले हैंड सैनिटाइजर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • एक दूसरे के स्पर्श से बचें: जैसे सार्वजनिक फोन, पानी पीने वाले नल आदि को अपने मुंह से स्पर्श होने से बचाना।

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